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आज बहुत अकेलापन महसुस होता है
मेरा यार मुजसे रुठा है
उसे लगता है मेने उसे ठुकराया है
वो कया जाने किस वझह से उसको दुर किया ह

कुछ लोगो को पता होता है हम उनके बिना अधुरे है हम
फिरभी पुछते है आज काल केसे हो आप??

गलतिया अक्सर इंनसान से ही होती है
मगर उसे सुधारना इंनसान ही जानता है

वो बाते आज
अनजानी बन गई
वो लम्हे आज
बेगाने बन गये
वो पल आज
याद बन गई

एसे ना देखो हमे प्यार हो जाये

जवाब इतना दो कही खोजाये

तुज मे ओर मुज मे इतना अंतर है
जितना दो आंखो के बिच

चलो आपको छोड दिया
मगर एसे केसे
पेहले वादा करते जाव
फिरसे मिलने का

आपकी अदा कुछ ईस तरह है जेसे
चांद ओर चांदनी
धरती ओर आकाश
ओर
हम ओर आप

अलफाझ नही हम कया लिखे
मगर आप चाहते है हम लिखे
चलो हम आपका ही नाम लिख दे
हमारे दिल पे

#DakshaSetaKapadiyaaa
   

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